Courier Kaise Karte Hai | कूरियर कैसे करते हैं – कूरियर कैसे भेजे पूरी जानकारी

Courier Kaise Karte Hai :- कोरियर कैसे करते हैं यह जानने से पहले सर्वप्रथम आपको जानना होगा कि कोरियर किसे कहते हैं? कोरियर सेवा एक सर्विस है जो किसी भी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का कार्य करती है।

Courier सेवा का व्यवहार व्यक्ति ऑनलाइन कोई भी वस्तु कहीं भेजने या अपने पास मंगवाने में सहायक है। कुरियर सेवा के द्वारा वस्तु अधिक तीव्रता और सुरक्षित गंतव्य स्थान तक पहुंच जाती है।

कोरियर सेवा दो प्रकार के होते हैं एक राष्ट्रीय कुरियर सेवा तथा दूसरा अंतरराष्ट्रीय कुरियर सेवा।

आज के समय में ऑनलाइन व्यापार वाणिज्य अधिक तीव्र गति से बड़ा है। इस ऑनलाइन व्यवसाय वाणिज्य को बढ़ाने में एवं सहयोग करने में कोरियर सर्विस का महत्वपूर्ण भाग है।

आज अधिकतर व्यक्ति ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं। क्रेता के द्वारा खरीदे गए वस्तु को कोरियर द्वारा ही निश्चित जगह पर पहुंचाया जाता है।

अगर आप भी कोरियर भेजना चाहते हैं या कुरियर कैसे भेजते हैं इस बारे में गूगल पर रिसर्च कर रहे हैं तो या आर्टिकल आपको निश्चित तौर पर सहयोग करेगा। कोरियर से संबंधित सभी जानकारी के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

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Courier Kaise Karte Hai

Courier Kya Hota Hai | कूरियर का मतलब क्या होता है?

कुरियर को हम आसान भाषा में यह समझ सकते हैं, कि किसी भी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान सुरक्षित पहुंचाने का कार्य को कुरियर कहते हैं। इसको करने के लिए कंपनियां कुछ शुल्क भी लेती है। इसे आसान भाषा में संदेशवाहक भी कहा जाता है।

वस्तु को तीव्र गति एवं सुरक्षित गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए कूरियर सर्विस का व्यवहार किया जाता है। कार्य संपन्न होने पर कूरियर के चार जिसको भुगतान भी करना पड़ता है।

जिस समय से Online Shopping का ट्रेंड चला है तब से कुरियर सेवा अधिक प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय हुई है।

ई-कॉमर्स वेबसाइट से व्यक्ति वस्तु को आर्डर करते हैं। जिसे ई-कॉमर्स वेबसाइट कंपनियां सटीक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए डिलीवरी पद्धति का सहायता लेती है जो कोरियर सर्विस के द्वारा संभव हो पाता है।

पहले के समय में जब ऑनलाइन का इतना बोल बाला नहीं था उस समय भारत में भारतीय डाक द्वारा वस्तुओं का एक स्थान से दूसरे स्थान आदान-प्रदान होता था। एवं उस कार्य को करने में अधिक समय एवं अधिक श्रम लगता था।

आज बढ़ते इंटरनेट की दुनिया में कुरियर कार्य और भी आसान हो गया है। अभी का कोरियर सर्वेश पहले के मुकाबले अत्यधिक सटीक एवं तीव्र गंतव्य स्थान तक पहुंचता है।

कोरियर से संबंधित हर तरह की जानकारी को प्राप्त करने के लिए इस आर्टिकल को पढ़ना जारी रखें।

Courier Kaise Kare

कोरियर एक साधारण प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने वस्तु को किसी अन्य स्थान तक पहुंचाया मंगवा सकता है।

  • कोरियर करने के लिए सबसे पहले वस्तु को प्लास्टिक रैप से कवर करें। इसके बाद उस वस्तु को किसी कार्ड बोर्ड के या गत्ते के बॉक्स में डाल दें।
  • बॉक्स का साइज वस्तु के साइज का समान होना चाहिए ताकि वस्तु यातायात के समय या यात्रा के समय अधिक ना हिले दुले। वस्तु तथा कार्डबोर्ड के बीच में थर्माकोल या बबल रैप डाल दे।
  • इन सभी कार्यों के बाद कार्डबोर्ड से बने बॉक्स को बंद कर के चौड़े सेलो टेप से अच्छी तरीके से रेप कर दें।
  • उस बॉक्स के ऊपर प्लास्टिक का रेप अच्छी तरीके से लपेट दें ताकि यात्रा के समय पानी का असर ना हो।
  • उसके बाद एक कागज पर जिस स्थान पर आप अपना पार्सल भेजना चाहते हैं वहां का पता लिखें। और नीचे अपना पता भी अवश्य लिखें।
  • यह सभी कार्य करने के बाद आप निश्चित रूप से पुष्टि कर ले कि आपका कोरियर को यात्रा के समय किसी भी प्रकार से कोई हनी तो नहीं होगी। अगर कोरियर किया जाने वाला वस्तु कांच का हो तो आपको अत्यधिक अच्छी तरह से संतुष्टि करना आवश्यक है।
  • आप अपने पता तथा जिस स्थान पर कुरियर जाएगा वहां का पता अच्छी तरीके से जांच लें।

ध्यान देने वाली यह बात है कि 20 किलो से अधिक भारी सामान कोरियर में नहीं ले जाया जाता। आपको वस्तु का भार पता होना चाहिए कि आपका वस्तु कितना भारी है कहीं वह 20 किलो से अधिक का तो नहीं।

इसके बाद आप अपने कोरियर बॉक्स या कोरियर होने वाले वस्तु को किसी भी कोरियर सेंटर पर ले जाकर आप कोरियर का सेवक ले सकते हैं। वहीं पर आपको बता दिया जाएगा कि उस कुरियर में कितना पैसा आपको देना होगा।

अगर आप भी कोरियर करना चाहते हैं तो निश्चित रूप से यह आर्टिकल आपकी सहायता करेगा।

Courier Kaise Karte Hai

कोरियर करने का तरीका बहुत ही आसान है। इस प्रक्रिया द्वारा आप अपने वस्तु को किसी को भेज या अपने पास मंगवा सकते हैं।

नीचे दिए गए चरणों को फॉलो करके आप भी अपना कोरियर कहीं भिजवा सकते हैं या कहीं से भी मंगवा सकते हैं।

Courier को पैक करें

यदि आप अपना पार्सल को किसी भी स्थान पर भेजाना चाहते हैं। तो सर्वप्रथम आपको उस वस्तु को अच्छे से पैक करना होगा। वस्तु को पैक करने के लिए आपको कार्डबोर्ड बॉक्स, बबल रैप, सेलो टेप, एवं पॉली रैप की आवश्यकता पड़ेगी।

ध्यान रखें कि पैकेजिंग अच्छी तरीके से हो यात्रा के समय आपके पार्सल पर अत्याधिक कुर्ता भी हो सकता है। इसलिए पैकेजिंग को अच्छी तरीके से करें एवं पैकेजिंग करने में कंजूसी ना करें।

आपको उस समय पैकेजिंग और भी अधिक करनी चाहिए जब आप पार्सल में किसी भी तरीके का कांच का या इलेक्ट्रॉनिक वस्तु को कोरियर करवाएं।

वास्तु प्राप्त करने वाले का पता लिखे

कुरियर किए जाने वाले वस्तु के ऊपर गंतव्य स्थान का पता तथा नीचे अपना पता अवश्य लिखें। लिखे गए पता को अधिकतर बार चेक करें ताकि गलती की कोई गुंजाइश ना रहे। और पार्सल किसी अन्य व्यक्ति के पास ना चला जाए।

लिखे गए कागज को पैकेज किए गए वस्तु के ऊपर चिपका दें एवं उसके ऊपर प्लास्टिक रैप कर दें ताकि पानी अंदर ना जाए एवं लिखे हुए एड्रेस को मिटा ना दें।

एड्रेस लिखने के लिए आप परमानेंट मार्कर का उपयोग अवश्य करें। जिससे आपका पता आसानी से नहीं मिटेगी।

  • To – पार्सल प्राप्त (Receive) करने वाले का नाम।
  • Address – पार्सल प्राप्त करने वाला का पता।
  • Pin Code – वो पिन कोड जहाँ पर पार्सल भेजना है।
  • Phone Number – जिसे आप पार्सल भेज रहे है उसका फोन या मोबाइल नंबर।

भेजने वाले का पता लिखे।

अब आपको नीचे किसी कोने में अपना पता (Address) भी लिखना है जैसा कि हम आपको उदाहरण के साथ निचे बता रहे है

From – अपना नाम लिखे।
Address – अपना पूरा पता लिखे।
Phone Number – अपना फोन या मोबाइल नंबर लिखे।

Docket Number प्राप्त करें।

जब आप अपना पार्सल कैसे बे कोरियर शॉप पर लेकर जाएंगे तथा पार्सल करने को कहेंगे वह आपके पार्सल को जांच करेगा एवं आपसे कुछ सवाल पूछेगा। सवालों का जवाब सटीक मिल जाने पर वह कोरियर शॉप वाला अपने कंपनी का स्टिकर लगाएगा तथा क्यूआर कोड भी पार्सल पर लगाएगा।

उसके बाद आपको एक नंबर मुहैया कराएगा जिससे डॉकेट नंबर कहां जाता है। एस डॉकेट नंबर के द्वारा आप अपने पार्सल का पता लगा सकते हैं कि वह किस स्थान पर है तथा वह अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचा या नहीं।

डॉकेट नंबर अधिक महत्वपूर्ण होता है डॉकेट नंबर के कारण आप अपने कुरियर को ट्रैक कर सकते हैं। यदि किसी भी कारणवश आपका कोरियर सटीक स्थान या गंतव्य एड्रेस पर नहीं पहुंचता है तो आप उस कुरियर शॉप वाले के पास जाकर इस नंबर को देखकर जांच करा सकते हैं।

यदि आपका पार्सल किसी भी प्रकार से गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचा तो इसकी जवाबदेही वह कोरियर शॉप वाला एवं कुरियर कंपनी को देना होगा। इसलिए डॉकेट नंबर अत्यधिक महत्वपूर्ण है कोरियर के समय इस डॉकेट नंबर को आप को संभाल के रखना चाहिए।

कोरियर भेजना कोई बड़ी बात नहीं है फिर भी कुछ व्यक्ति को अधिक जानकारी कुरियर से संबंधित प्राप्त नहीं रहती है जिसके कारण वह अपने कुरियर को गलत स्थान में पहुंचा देते हैं या कभी कुरियर भेजते ही नहीं है।

कितने व्यक्तियों को तो कुरियर भेजने में डर भी लगता है। उन्हें यह डर लगता है कि कहीं कुरियर रास्ते में ही गायब हो जाएगा। या सटीक समय पर कुरियर पहुंचेगा ही नहीं।

यदि आप सब कुछ सही किए रहते हैं तो एवं आर्टिकल में दिए गए चरणों को खोलो किए रहते हैं तो आप को डरने की कोई बात नहीं।

यदि आप के पार्सल मेड डैमेज होता है। या सही समय पर नहीं पहुंचता है। या पार्सल पहुंचता ही नहीं है। उस समय इसकी जवाबदेही कोरियर शॉप या कुरियर कंपनी को देना होगा।

Videsh Me Courier Kaise Karte Hai | विदेश में कोरियर कैसे करते है?

Videsh Me Courier Kaise Karte Hai:- विदेश में कोरियर कर आना ठीक वैसे ही है जैसे देश के अंदर किसी अन्य स्थान पर कुरियर करआना। लेकिन देश के बाहर किसी भी अन्य वस्तु को बेचने तथा प्रवेश करने के लिए कस्टम क्लेरेंस तथा पैकेजिंग से संबंधित कुछ शर्तों को ध्यान रखना आवश्यक है।

भारत से अन्य देशों में कोरियर करने में कितना चार्जर्स लगता है।

मैं भारत में कूरियर कैसे कर सकता हूं?

भारत से USA तक
न्यूनतम शुल्क: INR 673 से 250 ग्राम तक।
अधिकतम शुल्क: INR 24392 से 31500 ग्राम तक।

भारत से ग्रेट ब्रिटेन तक
न्यूनतम शुल्क: INR 1098 से 250 ग्राम तक।
अधिकतम शुल्क: INR 15468 से 30000 ग्राम तक।

भारत से हांगकांग तक
न्यूनतम शुल्क: INR 679 (डॉक्यूमेंट), INR 857 (माल) 250 ग्राम तक।
अधिकतम शुल्क: INR 8890 (डॉक्यूमेंट), INR 9068 (माल) 30000 ग्राम तक।

भारत से जापान तक
न्यूनतम शुल्क: INR 483 (डॉक्यूमेंट), INR 621 (माल) 250 ग्राम तक।
अधिकतम शुल्क: INR 12800 (डॉक्यूमेंट), INR 12938 (माल) 30000 ग्राम तक।

ऊपर दिए गए देशों में पार्सल कोरियर कराने के लिए निश्चित शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। तथा उसमें जो चारजेस लिखे गए हैं वह अनुमानित है।

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FAQ – Courier Kaise Karte Hai 2022

कोरियर का पता कैसे लगाएं?

Courier को Track करने के लिए Tracking Number, Reference Number, Airway Bill Number या Docket Number के द्वारा भी अपना कोरियर का पता लगा सकते हैं। यह नंबर 8 अंकों का नंबर होता है इससे आप अपने किसी भी पार्सल या कोरिअर को आसानी से पता लगा सकते है।

कूरियर कितने दिन में पहुंचता है?

कोरियर पहुंचने का कोई निर्दिष्ट दिन या समय नहीं रहता। कोरियर कुछ बातों पर निर्भर करता है जैसे कुरियर का वजन कितना है, कुरियर कितना बड़ा है, कुरियर कितना छोटा है। इत्यादि इन्हें कुछ बातों पर निर्भर होता है कि आपका पार्सल या कुरियर कब पहुंचेगा।

हालांकि दो से पांच कार्य दिवसो के भीतर कोरियर का डिलीवरी हो जाता है। अतः किसी परेशानी के कारण यह दिन और भी बढ़ सकता है।

कोरियर का क्या काम होता है?

कोरियर का महत्वपूर्ण कार्य किसी भी पार्सल या वस्तु को सुरक्षित तीव्र गति से सटीक स्थान पर पहुंचाना।
कोरियर का महत्वपूर्ण कार्य किसी भी पार्सल या वस्तु को सुरक्षित तीव्र गति से सटीक स्थान पर पहुंचाना।

विवरण: यह आर्टिकल एजुकेशन परपस के लीए लिखा गया है। अधिक व्यक्तियों को कोरियर कैसे करें कि जानकारी नहीं होती है इसलिए यह आर्टिकल कोरियर के बारे में ज्ञान साझा किया गया है। आर्टिकल में दिए गए सभी चरणों को फॉलो कर कर आप भी अपना वस्तु को कोरियर करा सकते हैं।

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