ICDS Full Form in Hindi – आईसीडीएस क्या है? (एकीकृत बाल विकास योजना)

ICDS Full Form in Hindi - आईसीडीएस क्या है? (एकीकृत बाल विकास योजना)| ICDS द्वारा प्रदान की योजनाए, लाभ, Integrated Child Development Services.

ICDS क्या है? (What is ICDS in Hindi)

ICDS (एकीकृत बाल विकास योजना) एक प्रारंभिक बचपन का विकास कार्यक्रम है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य कुपोषण, स्वास्थ्य और युवा बच्चों, गर्भवती और नर्सिंग माताओं की विकास आवश्यकताओं को संबोधित करना है। इस योजना को सन 1975 में 2 अक्टूबर को लागू किया गया। इस समेकित बाल विकास सेवा योजना यानी ICDS में टीकाकरण, पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य चेकअप, प्रेस्कूलिंग एजुकेशन जैसे कार्यक्रम को शामिल किया गया।

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ICDS का Full Form क्या है? (ICDS Full Form in Hindi)

ICDS का फुल फॉर्म होता है “Integrated Child Development Services“. आसान हिंदी भाषा में इसका मतलब “राज्य आपदा मोचन बल” होता है। यह भारत सरकार के द्वारा चलाई गयी वह योजना है जिसके माध्यम से जनता की भलाई और देश के विकलांगो को अनेक प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। आईसीडीएस भारत सरकार के द्वारा शुरू की जाने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है| जिसमें 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं शैक्षणिक सेवाओं का एकीकृत पैकेज की सुविधा प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत प्रत्येक 6 वर्ष के आयु के नीचे के बच्चों को, गुणवत्ता के साथ सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है।

ICDS Ka Full Form या पूरा नाम “Integrated Child Development Services” होता है, हिंदी में ICDS फुल फॉर्म – “एकीकृत बाल विकास योजना” होता है।

ICDS का फुल फॉर्म क्या होता है (ICDS Ka Full Form Kya Hota Hai) इस बारे में जान गए होंगे|

ICDS के उद्देश्य (ICDS Kya Hai)

महिला बाल विकास मंत्रालय हमेशा बच्चो को ICDS यानि एकीकृत बाल विकास योजना तहत भारत का एक अच्छा भविष्य बनाना चाहती है। योजना का उद्देश्य भारत में नए पैदा हुए बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ बड़ा करना है। ताकि वह एक अच्छे कल का निर्माण कर सके और अपने आने वाले भविष्य को उज्जवल कर सके। अलावा इस योजना के निम्न उद्देश्य हो सकते है।

  1. छः साल तक की आयु के बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य में सुधार लाना।
  2. बच्चों के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक व बौद्धिक विकास की नींव रखना।
  3. बाल मृत्यु दर व बच्चों में कुपोषण में कमी लाना।
  4. बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाना ताकि बच्चे खूब पड़ सके और आगे बढ़ सके।
  5. गर्भवती व दूध पिलाने वाली माताओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार लाना ताकि वह शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सके।
  6. महिलाओ में स्वास्थ्य व पोषण बारे अवगत करना जिससे वह इस काबिल बन सके कि वे अपने परिवार तथा विशेषतौर से अपनी और बच्चों की पौषाहार व स्वास्थ्य जरूरतों को स्वयं पूरा कर सके।

ICDS द्वारा प्रदान की योजनाए

ICDS मुख्य रूप से आपको 6 सेवाएं प्रदान करता है इन सेवाओं की मदद से एक बच्चे को तब तक तैयार किया जाता है जब तक की वह पूरी तरह समझदार न हो सके। ये योजनाए कुछ इस प्रकार है:

  1. पूरक पोषण (Supplementary Nutrition)
  2. पूर्व स्कूल गैर औपचारिक शिक्षा (Pre-school non-formal education)
  3. पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा (Nutrition & health education)
  4. रोग-प्रतिरक्षण (Immunization)
  5. स्वास्थ्य जांच (Health check-up)
  6. परामर्श सेवाएं (Referral services)

पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) या आंगनवाड़ी योजना

ICDS के इस सेक्शन के तहत, देश में गांव के भीतर 6 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पहचान की जाती है, और उन्हें पौष्टिक आहार और विकास निगरानी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा इस योजना के तहत लाभार्थियों को 300 दिनों का पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। इस सेक्शन में योजना का यही उद्देश्य होता है की इससे देश के बच्चे और गर्भवती महिलाए जो गरीबी रेखा के अंदर आते है उन्हें अच्छा आहार और पौष्टिक आहार दिया जाए।

पूर्व स्कूल गैर औपचारिक शिक्षा (Pre-school non-formal education)

इस योजना को ICDS की सबसे अहम योजना मना जाता है। इस प्रकार की योजना गांव में ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चो और शहरी बस्तियों के बच्चो को दी जाती है। इस योजना को मुख्य रूप से उन वंचित बच्चों के लिए है और उन्हें पूर्वस्कूली शैक्षणिक विकास के लिए आवश्यक इनपुट पर जोर देने के साथ एक naturally, आनंदमय और उत्तेजक वातावरण प्रदान करने की दिशा में निर्देशित किया जाता है। इसमें बच्चे को प्राथमिक विद्यालयों के लिए आवश्यक तैयारी करवाता है और बड़े भाई-बहनों को इसके भी विशेषकर लड़कियों को परिवार में छोटे बच्चों की देखभाल करना भी सिखाया जाता है।

पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा (Nutrition & health education)

इस योजना के तहत 15 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए शामिल किया जाता है। पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा वर्ग के अंदर महिलाओं की क्षमताओं का निर्माण करना है ताकि वे अपने स्वास्थ्य, पोषण और विकास की जरूरतों के साथ-साथ अपने बच्चों और परिवारों की देखभाल कर सके।

रोग-प्रतिरक्षण (Immunization)

इस योजना में बीमारियों से बचने के लिए जरुरी टीकाकरण पर ध्यान दिया जाता है। कई बार आवशयक टिका पूर्ति न होने के कारण काफी बच्चे बड़ी – बड़ी बीमारियों का शिकार हो जाते है। इसके तहत डिप्थीरिया, पोलियो, काली खांसी, खसरा, टीबी और टेटनस जैसे टीकाकरण को शामिल किया गया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को टिटनेस के टीके दिए जाते हैं जिससे नवजात और मातृ मृत्यु दर में कमी आती है।

स्वास्थ्य जांच (Health check-up)

स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत छह साल से कम उम्र के बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल, गर्भवती महिलाओ की प्रसव से पहले देखभाल व माताओ की प्रसव के बाद की देखभाल को शामिल किया गया है। इसके अलावा इसमें दी जाने वाली सेवाओं में नियमित स्वस्थय जांच , डायरिया का उपचार, कृमि मुक्ति, वजन रिकॉर्ड करना, टीकाकरण और फ्री दवाओं का वितरण करना को शामिल है।

परामर्श सेवाएं (Referral services)

नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान, किसी भी स्थिति या बीमारियों के मामले में तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है, उसे अस्पताल या किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि में भेजा जाता है। आंगनबाडी के कार्यकर्ताओ को बच्चों में अक्षमता का पता लगाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है ताकि शीघ्र हस्तक्षेप किया जा सके और बच्चो को आगे होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।

ICDS के लाभ

ICDS योजना की शुरुआत हो जाने के बाद आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता दिव्यांग बच्चों को ढूंढने करने का काम करती है और यदि इसमें किसी प्रकार समस्या होती हैं तो राज्य के आईसीडीएस के सहायक निदेशक ने आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेजकर इस संबंध में जानकारी देते है। इसके अलावा इस योजना के तहत अब आंगनबाड़ी की सभी कार्यकर्त्ता दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक अवस्था की पहचान करती है और इसके बाद इस बात की जानकारी जिला प्रारंभिक पहचान केंद्र को देती है। इस योजना के कई लाभ है।

इस ICDS योजना का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि यह गरीब से गरीब बच्चे एंव उसकी माँ को अच्छा स्वास्थ्य प्रदान कर रही है क्योकि पहले के समय की अगर बात करे तो पहले के समय में सुविधाओं के आभाव में गरीबो को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ता था।

इस योजना की मदद से बच्चो को कुपोषण से बचाया जा रहा है। बच्चो को जरुरत के हिसाब से भोजन और इलाज उपलब्ध करना ताकि वह कुपोषण से बच सके। क्योकि पहले के समय से आज कुपोषण के आंकड़ों में काफी सुधार देखने को मिला है।

बच्चे को अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और बच्चे की माँ को अच्छा स्वास्थ्य मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से बच्चे की शुरुआती शिक्षा एंव स्वास्थ्य की फ़िक्र घर वालो को ना होकर सरकार की होती है ताकि बाचा आगे बढ़ सके और अपने भविष्य को उज्जवल बना सके। कुलमिलाकर यह योजना छोटे बच्चों के लिए एंव बच्चो की माओं के लिए काफी लाभदायक है।

ICDS Scheme – Sarkari Yojana

आज आपने क्या सीखा

मुझे पूरी उम्मीद है की आप सभी को आज का यह लेख जरूर पसंद आया होगा| ICDS Full Form in Hindi – आईसीडीएस क्या है? (एकीकृत बाल विकास योजना)| ICDS द्वारा प्रदान की योजनाए, लाभ, Integrated Child Development Services.…… के बारे में पूरी जानकारी गई है|

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