रक्षाबंधन पर कविता 2022 | Raksha Bandhan Poem in Hindi | Poem on Raksha Bandhan | Raksha Bandhan Par Kavita

रक्षाबंधन पर कविता 2022: रक्षाबंधन हर साल की तरह इस साल भी अगस्त के महीने में आया है| आज हम आपको रक्षा बंधन पोयम इन हिंदी(Raksha Bandhan Poem in Hindi), पोयम ऑन रक्षा बंधन(Poem on Raksha Bandhan), रक्षाबंधन पर कविता(Raksha Bandhan Per Kavita) के बारे में बताएंगे| रक्षाबंधन शायरी पोयम इन हिंदी(Raksha Bandhan Shayri Poem in Hindi) को बहुत ही मजे लेकर पढ़ा जाता है| रक्षा बंधन पोयम बहन अपने भाई को सुनाती है और रक्षाबंधन पर कविता बहुत ही कम लोग जानते हैं| आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे रक्षाबंधन कविता के बारे में|

रक्षाबंधन का त्यौहार हर साल भारत में श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है| यह दिन बहुत ही खास होता है क्योंकि बहन अपने भाई को राखी बांधती है| और भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बनती है| अब हम जानते हैं रक्षाबंधन भाई बहन कविता रक्षाबंधन कविता हिंदी राखी पोयम और ब्रदर एंड सिस्टर (Raksha Bandhan Bhai Behan Kavita / Raksha Bandhan Kavita/Poem Hindi Rakhi Poem for Brother and Sister)

रक्षाबंधन पर कविता 2022 | Raksha Bandhan Poem in Hindi | Poem on Raksha Bandhan | Raksha Bandhan Par Kavita | Raksha Bandhan Bhai Behan Kavita / Raksha Bandhan Kavita/Poem Hindi Rakhi Poem for Brother and Sister.

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1. राखी बाँधों प्यारी बहना (Rakhi Bandhan Pyari Behna) Poem on Raksha Bandhan

प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना।

सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है।

आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना।

धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई।

राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना।

2. आओ भैया , प्यारे भैया (Aao Bhaiya Pyaare Bhaiya) Raksha Bandhan Poem in Hindi

आओ भैया , प्यारे भैया ,
मस्तक पर शुभ तिलक लगा दू ।
रक्षाबंधन की बेला मे ,
धागो का कगन पहना दू ।।

युग ~ युग जियो , फलो ~ फूलो तुम , जीवन भर मेरे भाई ।
राखी के इस शुभ अवसर पर यही कामना मै लाई ।।

जब तक रवि ~ शशि करते विचरण , गगा ~ यमुना है साखी ।
तब तक रक्षा करे तुम्हारी , बहन की प्यारी राखी ।।

दिन बीते सुख चैन भरे ,
राते बीते आनन्द भरी ।
रेशम के कोमल धागो मे ,
बहना की प्रीत भरी ।।

मेरी बहना , प्यारी बहना ,
तुझे वचन मै देता हू ।
जीवन भर अपनी बहन की रक्षा का प्रण लेता हू ।।

बहना तेरी आन ~ मान पर
आच न मै आने दूगा ।
इस प्यारी राखी के बदले
जीवन भी अपना दूगा ।।

3. बना रहे प्यार भाई बहिन में (Bana Rahe Pyar Bhai Bahan Me) | सुरेश कुमार की कविता

रहे मेरा भाई कुशल, बहन चाहती है
आया राखी त्यौंहार, बहन फुले नहीं समाती है
राखी रोली मिठाई से, थाली सजाती है
लगाकर तिलक कलाई पे राखी बांधती है
भाई की कलाई, पे रक्षासूत्र का बांधती है धागा
करवाती है भाई से, रक्षा करने का वादा
भैया रखनी है लाज राखी की, इसको निभाना
संकट आये बहन पे तो, रक्षक बनकर तुम रहना
भाई अपनी बहन को देते है वचन
संकट आने पर, संकट का करुगा में हरण
भाई बहन का पवित्र रिश्ता, होता है बड़ा प्यारा
प्यार पवित्र रिश्ते से, फैले घर घर उजियारा
जगत में भाई बहन का रिश्ता है बड़ा ही प्यारा
रक्षाबंधन का त्यौहार है, सबसे ही न्यारा
हर भाई को बहिन का रिश्ता सदा निभाना है
बना रहे प्यार भाई बहिन में, सुरेश का यही कहना है।

सुरेश कुमार

4. राखी आई खुशियाँ लाई (Rakhi Aayi Khushiyan Lai) Bhai Bahan ki Kavita

राखी आई खुशियाँ लाई
बहन आज फूली ना समाई
राखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई
बांधे भाई की कलाई पर धागा
भाई से लेती है यह वादा
राखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल ना जाना
भाई देता बहन को वचन
दुख उसके सब कर लेगा हरण
भाई बहन को प्यारा है
त्यौहार राखी का न्यारा है

“बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता
वो चाहे दूर भी हो तो गम नहीं होता
अक्सर रिश्ते दूरियों से फीके पड़ जाते है
पर भाई बहन का प्यार कम नहीं होता”

5. राखी का त्यौहार (Rakhi ka Tyohar) Raksha Bandhan Short Kavita

रेशम के धागे में समेटे
भाई बहन का प्यार,
पूरे एक बरस में आता
राखी का त्यौहार।

बाजारों में बिकती राखी
नहीं मोल कोई इस रिश्ते का
बहन का अहुदा माँ समान है
भाई का है फरिश्ते का,
कभी बनती बहुत आपस में
कभी होती है तकरार
पूरे एक बरस में आता
राखी का त्यौहार।

जब भाई सरहद पर होता
तो राखी चिट्ठी में जाती है
कब जाओगे बहन से मिलने
यही सवाल उठाती है,
कैसे बताए भाई बहन को
पूरा भारत उसका परिवार
पूरे एक बरस में आता
राखी का त्त्यौहार।

ससुराल से बहनें मायके जाएं
भाई की कलाई राखी से सजाएं
मुंह करवाकर मीठा उनका
माथे पर उनके तिलक लगाएं,
बदले में भाई से पाती
सुंदर-सुंदर से उपहार
पूरे एक बरस में आता
राखी का त्यौहार।

6. स्नेह भरा रक्षा बन्धन (Sneh Bhara Rakhi Bandhan) Raksha Bandhan Par Poem

स्नेह भरा रक्षा बन्धन

स्नेह भरा रक्षा बंधन का त्योहार
आया नया रूप ले फिर इस बार

भाई की कलाई सजेगी
प्रेम प्यार की धार बहेगी

घर में होगा सौहार्द का स्वर
गली गली गांव गांव शहर

अक्षत रोली से होगा टीका
प्यार जरा भी ना होगा फीका

मुंह मीठा होगा अब खाकर मिष्ठान
प्रीत रिश्तों को मिलेगी नव पहचान

7. भैया तुम आ जाओ ना… (Bhaiya Tum Aa Jao Na) Rakhi Short Kavita Jaya Pandey

बाज़ारों में राखी सजी है
अपनी भी कलाई में सजाने दो
रौनक हर जगह दिख रही है
मुझे भी उत्सव मनाने दो
नहीं चाहिए मेवे और उपहार बदले में,
तुम बस रक्षा का वचन निभाओ ना…
भैया तुम आ जाओ ना…
आओ मुझको तिलक लगाने दो
मैंने फिरसे पूजा की थाल सजाई है
देखो मैंने पसन्द की गुजिया बनाई है
साथ में लडडू और मिठाई है
नहीं है इस बार कोई शिकायत तुमसे,
तुम भी मन का बैर हटाओ ना…
भैया तुम आ जाओ ना…

– Jaya Pandey

8. राखी आयी खुशियां लायी | Poem on Raksha Bandhan (Rakhi Aayi Khushiyan Lai)

राखी आयी खुशियां लायी
बहन आज फूलें न समाई
रखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई !

बांधे भाई के कलाई पे धागा
भाई से लेती हैं वादा
रखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल न जाना !

भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लेंगा हरन
भाई बहन का प्यार हैं
त्यौहार रखी का न्यारा हैं !

9. राखी का आज त्यौहार है (Rakhi Ka Aaj Tyohar Hai) Raksha Bandhan Par Poem

राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।

बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।

भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।

भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।

बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।

बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।

10. कच्चे धागों का ये बंधन (Kachche Dhaage Ka Bandhan) Hindi Raksha Bandhan Poem

आज बहन ने बड़े प्रेम से
रंग बिरंगा चौक बनाया
इसके बाद चौक के ऊपर
अपने भैया को बिठाया
रंग बिरंगी राखी बाँधी
फिर सुंदर सा तिलक लगाया
गोल गोल रसगुल्ला खाकर
भैया मन ही मन मुस्कुराया
थाल सजाकर दीप जलाकर
भैया की आरती उतारी
मन ही मन में कहती बहना
भैया रखना लाज हमारी
करना सदा बहन की रक्षा
भैया तुमको समझता है
कच्चे धागों का ये बंधन
रक्षा बंधन कहलाता है

“भाई बहन उतने ही करीब होते है
जितना की हमारी दोनों आँखे”

11. भाई देता बहन को वचन (Bhai Deta Bahan ko Vachan) Raksha Bandhan Best Poem

राखी आयी खुशियां लायी
बहन आज फूलें न समाई
रखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई!

बांधे भाई के कलाई पे धागा
भाई से लेती हैं वादा
रखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल न जाना!

भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लेंगा हरन
भाई बहन का प्यार हैं
त्यौहार रखी का न्यारा हैं!

12. कच्चे धागों का ये बंधन (Kachche Dhaage Ka Ye Bandhan Kavita)

आज बहन ने बड़े प्रेम से
रंग बिरंगा चौक बनाया
इसके बाद चौक के ऊपर
अपने भैया को बिठाया
रंग बिरंगी राखी बाँधी
फिर सुंदर सा तिलक लगाया
गोल गोल रसगुल्ला खाकर
भैया मन ही मन मुस्कुराया
थाल सजाकर दीप जलाकर
भैया की आरती उतारी
मन ही मन में कहती बहना
भैया रखना लाज हमारी
करना सदा बहन की रक्षा
भैया तुमको समझता है
कच्चे धागों का ये बंधन
रक्षा बंधन कहलाता है

13. Raksha Bandhan Bhai Bahan ka Pyar Kavita 2022

तू कित सै, सुखी रहिये जित सै
तू उपरली हवा मै झूलग्या
अर मन्नै जमा-ए भूलग्या भूलै सै
तो भूल जाइये पर एक ब उस
स्कूल जाइये उस स्कूल मे जित जाया
करते दोनू तफ़रिया मे गुड़ का चूरमा
खाया करते दोनू तेरै याद सै,
तू एक दिन पड़ग्या था रोया था तू,
नूर चेहरे का झड़ग्या था
आपणी क्लास मै तै मै
भज़ के आई थी तेरा बस्ता,
तेरी तख़्ती जाकै मन्नै ठाई थी
तेरे ख़ातर खेत मै तै मटर पाड़
के ल्याई थी जोहड़ पै भैसा के पाया
मै तै काढ़ के ल्याई थी

14. Raksha Bandhan Par Short Kavita

रक्षा बंधन की ये है डोर
पवित्र पावन और है बेजोड़
ये ऐसा त्यौहार अनोखा
जैसे हो सावन का पहला झोंका
दुआ से बहन की और मिठाई
सजती है भाई की कलाई
लम्बी दूरी करती सहन
निकले राखी लेकर के बहन
इस दिन बहना बांधे राखी
भाई की उम्र हो लम्बी ताकी
इस दिन लेते है भाई शपथ
हो बहन की रक्षा शत प्रतिशत
आओ जाने इसकी कहानी
जो बहुत निराली बहुत पुरानी
द्रोपती पर जब विपदा आई
सामने उसके खड़ा कसाई
एक ही बस आवाज लगाई,
आ पहुचे श्री कृष्णा भाई
यूँ त्योहारो से साल सजा है
रक्षाबंधन का अपना मजा है
रक्षा बंधन का ये है डोर
पवित्र, पावन और बेजोड़!

15. Rakhi Par Short Kavita in Hindi

ले आज राखी तेरी याद आई
इस भाई की सजा दे कलाई

बदले में इसके लुटा तु प्यार
यह भाई देगा अनुपम उपहार

खुशियों से बहना की झोली भर
सभी मन मनोरथ सम्पूर्ण कर

खुशहाल रहे सदा उसका जीवन
प्रीत बहार लाये तेरा बन्धन

राखी बस कर तु इतना काम
करता यह भाई तुझे प्रणाम

—- Lokesh Indoura

16. Bhai Ke liye Raksha Bandhan Par Short Kavita

कैसी भी हो एक बहन होनी चाहिये
बड़ी हो तो माँ-बाप से बचाने वाली
छोटी हो तो हमारे पीठ पीछे छुपने वाली
बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पॉकेट में पैसे रखने वाली
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली
छोटी हो या बड़ी छोटी-छोटी बातों पे
लड़ने वाली एक बहन होनी चाहिये
खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली
एक बहन होनी चाहिये
Happy Rakshabandhan 2022

17. Raksha Bandhan Kavita For Sister – Nidhi Agarwal

विश्वाश का धागाविश्वास के धागे से है बँधा,पर्व ये रक्षाबंधन,भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का,प्यारा है ये बंधन।खट्टी-मिट्टी बातों से,इंद्रधनुषी यादों से,झिलमिल होता है भैया,तेरी बहना का जीवन।बहना बोले भैया से,भैया साथ निभाना,इस छोटी सी बंधी डोर पर,रखना बस मेरा मान।भैया बोले ओ प्यारी बहना,तुम हमेशा खुश रहना,क्योंकि तेरी होठों की हँसी से,मुस्कुराए मेरी ख़ुशियों का आँगन।

– Nidhi Agarwal

18. Poem On Raksha Bandhan – अभिषेक मिश्र

मेरे भैया, अबकी बार राखी में नई रीत चलाओ तुम
अपनी बहन को आत्मरक्षा के गुर सिखाओ तुम……………………..
Well settled लड़का ढूंढने की बजाए, मुझे Economically Independent बनाओ तुम
जो मुझसे प्यार करे, उसे मेरा जीवनसाथी बनाओ तुम…………………………….
मेरे संग हमेशा रहना तुम, मेरी ताकत बनना तुम
मैं जो कभी कमजोर पड़ जाउँ, तो मेरी ढाल बन जाना तुम……………..
राखी की इस रीत को उम्र भर निभाना तुम
दुनियादारी के चक्कर में, मुझे मत भूल जाना तुम…………………………..
बेटी नहीं होती है पराई, ये बात माँ-बाबा को समझाना तुम
दहेज न कोई सामान देना तुम, मुझे तो मेरा स्वाभिमान देना तुम……………….
परम्पराओं को सबके साथ ख़ुशी-ख़ुशी निभाना तुम
पर मुझे कुप्रथाओं की चक्की में, पिसने से बचाना तुम…………………..
थोड़ी नकचढ़ी बहना हूँ मैं, और मेरे प्यारे भैया हो तुम……………………….
तुम्हारे नखरे सहती हूँ मैं, और मेरे नाज उठाते हो तुम
तो चलो एक-दूजे की हिम्मत बन जाएँ हम-तुम……………………..
भाई-बहन का रिश्ता होता है सबसे अनूठा, ये दुनिया को दिखाएँ हम-तुम

– अभिषेक मिश्र ( Abhi )

19. झंकार कर दो (माखनलाल चतुर्वेदी) Fauji ke liye Rakhi Par Kavita

झंकार कर दो

वह मरा कश्मीर के हिम-शिखर पर जाकर सिपाही,
बिस्तरे की लाश तेरा और उसका साम्य क्या?
पीढ़ियों पर पीढ़ियाँ उठ आज उसका गान करतीं,
घाटियों पगडंडियों से निज नई पहचान करतीं,
खाइयाँ हैं, खंदकें हैं, जोर है, बल है भुजा में,
पाँव हैं मेरे, नई राहें बनाते जा रहे हैं।
यह पताका है,
उलझती है, सुलझती जा रही है,
जिन्दगी है यह,
कि अपना मार्ग आप बना रही है।
मौत लेकर मुट्ठियों में, राक्षसों पर टूटता हूँ,
मैं, स्वयं मैं, आज यमुना की सलोनी बाँसुरी हूँ,
पीढ़ियाँ मेरी भुजाओं कर रहीं विश्राम साथी,
कृषक मेरे भुज-बलों पर कर रहे हैं काम साथी,
कारखाने चल रहे हैं रक्षिणी मेरी भुजा है,
कला-संस्कृति-रक्षिता, लड़ती हुई मेरी भुजा है।
उठो बहिना,
आज राखी बाँध दो श्रृंगार कर दो,
उठो तलवारों,
कि राखी बँध गई झंकार कर दो।

– माखनलाल चतुर्वेदी

20. Raksha Bandhan Kavita in Hindi

राखी

हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…

चाँद सितारों की चमकीली,
कलाई को कर जाती राखी…

जो भूले से भी ना भूले,
मनभावन क्षण लाती राखी,
अटूट-प्रेम का भाव धागे से
हर घर में बिखराती राखी…

सारे जग की मूल्यवान
चीजों से बढकर भाती राखी.
सदा बहन की रक्षा करना,
भाई को बतलाती राखी!!

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